Unnao News: विकासखंड बांगरमऊ की ग्राम पंचायत मुस्तफाबाद स्थित नलकूप संख्या 21 SG इन दिनों बदहाली का शिकार नजर आ रहा है। नलकूप परिसर के आसपास लंबे समय से झाड़ियां और घना जंगल उग आया है। हालात इतने खराब बताए जा रहे हैं कि नलकूप परिसर किसानों के लिए परेशानी के साथ-साथ सांप और जंगली जानवरों के खतरे का कारण भी बन गया है। खेतों की ओर आने-जाने वाले किसानों में इसको लेकर भय का माहौल है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि नलकूप परिसर में महीनों से सफाई नहीं होने के कारण झाड़ियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। घनी झाड़ियों में जहरीले सांप और अन्य जंगली जीव छिपे रहने की आशंका बनी रहती है। किसानों को सिंचाई अथवा नलकूप से संबंधित कार्य के लिए परिसर में पहुंचने में भी डर महसूस होता है।
छह महीने से मिल रहा सिर्फ आश्वासन
ग्रामीणों के अनुसार नलकूप की इस स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। अधिकारियों की ओर से हर बार यह कहा जाता है कि नलकूप परिसर की सफाई जल्द करा दी जाएगी, लेकिन करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
किसानों का आरोप है कि नलकूप विभाग के जेई हरि नारायण कनौजिया को भी इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर प्रभावी सफाई अभियान नहीं चलाया गया। इससे ग्रामीणों में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
कागजों में सुविधाएं, जमीन पर बदहाली का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की ओर से किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी नलकूपों की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया जाता है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर यदि सरकारी नलकूप परिसर महीनों तक जंगल में तब्दील रहे तो यह विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े करता है।
किसानों का कहना है कि अधिकारी यदि समय-समय पर नलकूपों का स्थलीय निरीक्षण करें तो ऐसी स्थिति पैदा ही न हो। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर नलकूप संख्या 21 SG परिसर की तत्काल साफ-सफाई कराने और झाड़ियों को हटवाने की मांग की है।
जंगली जानवर और सांपों के खतरे से भयभीत किसान
नलकूप के आसपास बढ़े जंगल को लेकर सबसे बड़ी चिंता किसानों की सुरक्षा को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि झाड़ियों के कारण सांप और अन्य जंगली जीवों के छिपने की जगह बन गई है। खेतों में काम करने वाले किसानों और आसपास से गुजरने वाले ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते नलकूप परिसर की सफाई नहीं कराई गई और किसी किसान के साथ जहरीले सांप या जंगली जानवर के कारण कोई दुर्घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
अब ग्रामीणों की नजर विभागीय अधिकारियों की कार्रवाई पर है। छह महीने से चल रहे आश्वासनों के बाद क्या नलकूप 21 SG की तस्वीर बदलेगी या फिर किसानों को इसी जंगल के बीच से गुजरना पड़ेगा, यह आने वाला समय बताएगा।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित उच्चाधिकारी मौके का निरीक्षण कराकर तत्काल सफाई करवाएं और भविष्य में नलकूप परिसर की नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
… रिपोर्ट- अनिल कुमार यादव











