Unnao News: सहायक श्रमायुक्त एस•एन• नागेश ने बताया कि प्रदेश को वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसी के तहत जनपद उन्नाव में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 यथा संशोधित-2016 एवं किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अन्तर्गत बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन, अवमुक्तिकरण, सड़कों पर रहने वाले/बेघर बच्चों के बचाव एवं पुनर्वासन हेतु विशेष अभियान एवं जिलाधिकारी उन्नाव द्वारा दिये गये निर्देशों के कम में गठित टास्क फोर्स के साथ आज जनपद उन्नाव के तहसील पुरवा (कालू खेड़ा) एवं नवाबगंज में राधेश्याम सिंह, इन्दीवर जोशी एवं राजेन्द्र कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, उन्नाव, शैलेश कुमार यादव एवं दसरथराम सिसौदिया, सब इन्सपेक्टर, महिला आरक्षी अमना तथा चाइल्ड हेल्पलाइन से प्रभारी दिवाकर ओझा द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर 07 प्रतिष्ठानों का बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अन्तर्गत निरीक्षण करते हुए 08 बाल एवं किशोर श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया। उल्लंघनकर्ता सेवायोजकों के विरूद्ध मौके पर ही निरीक्षण टिप्पणी जारी की गयी तथा नियमानुसार विधिक कार्यवाही अपनायी जायेगी।











