बाज़ की नज़र लोक सभा की 40 सीटों पर: BJP का असली गेम क्या है।
– 2025 के विधानसभा चुनाव में NDA को भारी बहुमत मिला (200+ सीटें), लेकिन BJP सबसे बड़ी पार्टी बनी (89 विधायक), JD(U) से ज्यादा।
– चुनाव में BJP ने कभी नीतीश जी को CM फेस नहीं घोषित किया, बराबर सीटें लड़ीं – ये साफ संकेत था कि बाद में नीतीश को साइडलाइन करेंगे।
– दिल्ली से हाई-लेवल प्रेशर: अमित शाह जैसे बड़े नेता पटना गए , स्वास्थ्य और उम्र का बहाना बनाया गया (75 साल हो गए हैं, स्वास्थ्य ठीक नहीं)।
– BJP ने “ग्रेसफुल एग्जिट” का रास्ता दिखाया – राज्यसभा में भेजो, “सम्मान” से बाहर निकालो।
– भाजपा बिहार पर पूरा कंट्रोल लेना चाहती है :– अब BJP का अपना CM बनेगा, नीतीश की लोकप्रियता पर निर्भर नहीं रहेगी।
– नीतीश की बार-बार गठबंधन बदलने की आदत से BJP परेशान थी – अब “रबर स्टैंप” या वफादार CM चाहिए।
– अब हिंदुत्व एजेंडा को मजबूती से लागू करना आसान होगा।
– 2029 लोकसभा से पहले स्थिरता चाहिए, नीतीश की उम्र-स्वास्थ्य का रिस्क नहीं लेना।
– डायनेस्टी रोकना – नीतीश के बेटे निशांत को आगे बढ़ने से रोककर BJP अपने चेहरे प्रमोट करेगी।
– बिहार में पहली बार BJP का CM – पार्टी में जोश आएगी , पूरे देश में इमेज बूस्ट।
– राज्य की मशीनरी, फंड्स और स्कीम्स पर डायरेक्ट कंट्रोल – सब कुछ मोदी/बीजेपी के नाम से ब्रांडिंग।
– 40 लोकसभा सीटों पर 2029 में मजबूत पकड़।
– NDA में JD(U) को जूनियर पार्टनर बना दिया – अब बीजेपी “बड़ा भाई” बनेगी।
– अब नीतीश की लंबी विरासत खत्म – 2005 से लगातार CM रहे, अब लगभग सब खत्म।
– पार्टी की पहचान कमजोर – लोग JD(U) को BJP का छोटा साथी समझेंगे।
– कार्यकर्ताओं में गुस्सा और हताशा – कई जगह नीतीश को CM बनाए रखने के नारे लगे।
– वोटर बेस (EBC, OBC महिलाएं) टूट सकता है अगर BJP स्कीम्स को अपना ब्रांड बनाए।
– उत्तराधिकार अनिश्चित – निशांत डिप्टी CM भी बनें तो असली पावर BJP के पास।
– अब आगे :- राज्यसभा चुनाव (16 मार्च के आसपास) के बाद जल्दी BJP का CM बना दें – संभावित नाम: सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, दिलीप जैसवाल, विजय सिन्हा।
– JD(U) के इलाकों में संगठन फैलाना, अच्छे लोग अपनी तरफ खींचना।
– महिलाओं वाली स्कीम्स को मोदी/बीजेपी के नाम से रीब्रांड करना।
– नीतीश को “मार्गदर्शक” दिखाकर उनके वोटर बेस को नाराज न करें।
– 2029 लोकसभा के लिए NDA को पूरी तरह BJP के लीडरशिप में तैयार करना।
बिहार की राजनीति में नीतीश युग का अंत हो रहा है। BJP अब फुल कंट्रोल ले रही है।
– सौरभ यादव (लेखक)











