रिपोर्टर/ देवस्य पटैरिया
*टीकमगढ़।* वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने के लिए टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कर प्रस्ताव पारित करने की मांग की है।
विधायक सिंह ने पत्र में लिखा है कि टीकमगढ़ क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के शिक्षक संघों के माध्यम से यह अत्यंत महत्वपूर्ण विषय उनके संज्ञान में लाया गया है। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) वर्ष 2010 में लागू हुआ था, परंतु वर्तमान में बिना पात्रता परीक्षा के सेवा में लिए जाने हेतु यह नियम वर्ष 2010 से पूर्व के नियुक्त शिक्षकों पर भी प्रभावी किया जा रहा है।
इस दायरे में ऐसे वरिष्ठ शिक्षक भी आ रहे हैं, जिनकी नियुक्ति को 20 से 25 वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षक वर्तमान में मानसिक रूप से असहज महसूस कर रहे हैं तथा इन्हें सर्वोच्च न्यायालय से भी इस विषय में राहत प्राप्त नहीं हो सकी है।
विधायक ने आग्रह किया है कि प्रदेश के लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और उनके भविष्य के पवित्र भाव को ध्यान में रखते हुए इस समस्या के निराकरण हेतु विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया जाए और 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा के बंधन से पूर्णतः मुक्त रखने का वैधानिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सरकार शिक्षकों एवं कर्मचारी हितों की सुरक्षा हेतु इस जनहितैषी विषय पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगी।











