भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102 वीं जयंती के अवसर पर जननायक कर्पूरी ठाकुर विचार मंच एवं शिक्षा रिसर्च फाउंडेशन ” द्वारा हिंदुस्तान अकादमी प्रयागराज में एक “अंतर्राष्ट्रीय कान्फ्रेंस” का आयोजन किया गया।
इस कान्फ्रेंस में तमाम एकेडेमिक विद्वान,शोध छात्र- छात्रायें
बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं चिंतक शामिल हुये। काॅन्फ्रेंस का उद्घाटन व दीप प्रज्वलन प्रातः 10 बजे किया गया। उद्घाटन भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात संगोष्ठी के समन्वयक डॉ.प्रमोद शर्मा ने विद्वत अतिथियों का स्वागत और संगोष्ठी की रूपरेखा और कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर व्यापक प्रकाश डाला।
उप्र प्रदेश विधान परिषद सदस्य एवं विधान परिषद् की संसदीय अध्ययन समिति के सभापति सुरेन्द्र चैधरी ने कांफ्रेंस संबोधित करते हुये कहा कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर का एक आदर्श व्यक्तित्व है वे समाज के लिये प्रेरणा हैं।

अकादमिक सत्र की अध्यक्षता सोशल वर्क विषय के प्रख्यात विद्वान एवं राजेंद्र सिंह “रज्जू भैय्या” विश्वविद्यालय के डीन आफ आर्ट्स प्रोफेसर विवेक कुमार सिंह ने की प्रोफेसर विवेक कुमार सिंह ने कहा कि “कर्पूरी ठाकुर एक राजनेता व कर्मयोगी के रूप में पूरे समाज के लिये आदर्श हैं।उनकी गिनती सामाजिक न्याय और मूल्यों के साथ राजनीति करने वाले महान नेताओं में होती है।”
सामाजिक चिंतक चन्द्र पाल सिंह ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर एक नेता नहीं थे विचार थे वे सभी के लिये अनुकरणीय हैं।
पिछडा वर्ग आयोग सदस्य अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जात विशेष के नेता नहीं अपितु समग्र समाज के नेता थे।
अंतिम सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर हर्ष कुमार ने की उन्होंने कहा ऐसे कार्यक्रम अनवरत होते रहना चाहिये।
गुरु प्रसाद मदन ने कहा कि आज भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती पुरे देश में मनाई जा रही है, वहीँ सरिता पाण्डेय और डॉ मनीषा शर्मा ने अपने वक्तव्य से कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
कान्फ्रेंस में डॉ दशरथ कुमार शर्मा,शिव राम शर्मा,डॉ. अवनीश शर्मा,सुरेश यादव, घनश्याम शर्मा, डा. विजय शर्मा, प्रदीप शर्मा, नरेन्द्र कुमार शर्मा,विमल कुमार ,अनुज अग्रहरि ने अपने विचार रखे,पांच सत्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिष्ठित शिक्षाविद, राजनीतिज्ञ, समाज विज्ञानी शोधार्थी, सहित सामान्य जनों ने प्रतिभाग किया। इसका सफल संचालन डॉ प्रेम शर्मा यागिक और डॉ सुनील ने किया |











