- जिले में संचालित 144 सरकारी शराब की दुकानों में से एक भी दुकान पर नहीं है शराब की कीमत दर्शाने वाली सूची।
- आबकारी नीति के अनुसार हर दुकान पर शराब की कीमत को दर्शाने वाली सूची मोटे अक्षरों में लगाना जरूरी है।
जालोर(राजस्थान)। सरकारी शराब की दुकानों पर अवैध रूप से वसूली का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। शराब की कीमत सेल्समैन अपनी मर्जी से ही तय कर लेते है। खरीदारों को रेट बढने की बात कह कर मनमानी वसूली की जा रही है। जबकि अभी प्रिंट रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आलम यह है कि दुकानों पर तो डेढ़ से दो गुना राशि तक ग्राहकों से वसूली की जा रही है। अगर रात में शराब खरीदनी है तो और भी किमत बढ जाती है।
आबकारी नीति के अनुसार हर दुकान पर शराब की कीमत को दर्शाने वाली सूची मोटे अक्षरों में लगाना जरूरी है। मगर एक भी दुकान पर यह सूची नहीं लगी हुई है। शराब दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने के बारे में जानकारी आबकारी विभाग के अधिकारियों को होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मोटे अनुमान के अनुसार सिर्फ जालोर में एक दिन में शराब की दुकानों पर होने वाली अवैध वसूली का आंकड़ा करीब 30 लाख रुपए से अधिक है।
यह है नियम
जानकारी के अनुसार जिले में शराब की 144 दुकानें संचालित हो रही है। आबकारी अधिनियम और नियम के तहत प्रत्येक शराब की दुकान के बाहर उस दुकान में कौन सा ब्रांड है और उसकी कीमत क्या है उसकी जानकारी के लिए ठेके के बाहर लिस्ट चस्पा करनी जरूरी होती है, लेकिन जिले में संचालित होने वाली शराब की दुकानों पर इस तरह के किसी भी नियम की पालना नहीं हो रही है।
विभाग को है पूरी जानकारी
स्थिति यह है कि शराब के दाम प्लेसमेंट कंपनी के द्वारा ही तय किए जा रहे हैं। वहीं इन दुकानों पर आने वाले ग्राहकों से भी मनमर्जी से दाम वसूल कर अवैध मुनाफा कमाया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक नहीं है, लेकिन इसके बाद भी अवैध और मनमर्जी की दाम की वसूली का काम खुलेआम और धड़ल्ले से चल रहा है।
चैकाने वाला है इनके मुनाफे का आंकड़ा
यदि इनके मुनाफे पर भी नजर डाली जाए तो मनमर्जी से दाम वसूलने के चक्कर में इनके मुनाफे का आंकड़ा भी काफी बड़ा है। अगर इन 144 अंग्रेजी देशी शराब की दुकानों से प्रतिदिन 15 लाख रुपए से अधिक का अवैध मुनाफा होता है एक साल में 180 लाख रूपये का अवैध मुनाफा हुआ उक्त अवैध मुनाफे में से कुछेक पैसे संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं कुछ पैसे स्थानीय पुलिस थाने में। वहीं बचा दुकानदार खुद डकार लेता है। जैसे किसी बीयर की कीमत 160 रुपए की है तो दुकानों पर इनकी कीमत 200 से 230 रुपए वसूली जाती है। यानि एक बीयर की बोतल पर 60 रुपए का मुनाफा। इसी तरह 160 रुपए तक के पव्वे पर 200 से 250 रुपए तक वसूलते हैं।
उपरोक्त के संबंध में भीनमाल आबकारी अधिकारी ने कहा कि अगर ऐसा है तो जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
सुरेश देवासी, आबकारी निरीक्षक भीनमाल।