बागोड़ा। क्षेत्र में इन दिनों शराब की दुकानों पर रात भर खुलेआम धड़ल्ले से शराब बेची जा रही हैं। 8 बजे के बाद शटर बंद होने के बहाने मुख्य दरवाजे के बाहर वाहनों का जमावड़ा लगा रहता हैं। मुख्य दरवाजे बंद करके प्रत्येक दुकानों के पिछले हिस्से में दरवाजे खोल रखें हैं। अधिकारियों के नजरों में दरवाजे बंद रखकर देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता हैं। इसी के साथ ही स्थानीय जिम्मेदार विभाग एवं आबकारी अधिकारीयों की लापरवाही के चलते यह सिलसिला जारी हैं। सेल्समैनों द्वारा एक ही जवाब मिलता हैं। प्रिंट रेंट से यहां अधिक राशि लगेगी। बागोड़ा के भीनमाल रोड़ जीनगर कालोनी, सिणधरी सर्किल,मुख्य बस स्टैंड परिसर, मोरसीम रोड़ पर स्थित आशापुरी माताजी मंदिर के समीप यही हालात देखने को मिल रहे हैं। हालांकि सरकार कि तरफ से रात 8 बजे के बाद शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश हैं ।मगर बागोड़ा में ये आदेश कहीं नजर नहीं आ रहा हैं। ऐसा नहीं है कि आबकारी और स्थानीय पुलिस विभाग को इसकी जानकारी नहीं हैं, मगर जानकारी होने के बावजूद भी ऐसा लग रहा हैं ।जैसे दोनों विभाग ने अपनी तरफ से शराब दुकानदारों को मौन स्वीकृति दी हुई हैं। इसके साथ ही शराब के गोदामों में भी शराब बेचने का धंधा धड़ल्ले से चल रहा हैं। शिकायत होने के बाद भी आबकारी विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा हैं। गौरतलब है कि रात्रि 8 के बाद और सुबह 10 से पहले कोई भी शराब की दुकान खुली पाई जाती हैं तो क्षेत्र के संबंधित थानाधिकारी या सीआइ सस्पेंड हो सकते हैं, लेकिन बागोड़ा क्षेत्र में यहा आदेशों की खुले आम अवहेलना की जाती हैं फिर की कोई कार्रवाई नहीं होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे है।
वही अगर अवैध दुकानों की बात करे तो दुकानों की बाढ़ सी आई हुई है, बागोड़ा क्षेत्र में आबकारी विभाग की ओर से जहा 7 ठेको की परमिशन दे रखी हैं वही उक्त 7 की 70 दुकानें संचालित हो रही हैं जिसके चलते एक और जहा युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा हैं वही सरकार को भी भारी नुकसान हो रहा है।
बागोड़ा उपखंड क्षेत्र के इन गांवों में संचालित हैं।
आवंटित दुकानें
बागोड़ा, रंगाला, मोरसीम, झाब, धुम्बडिया, सेवड़ी, वाड़ा भाडवी
टोटल दुकानें – 7
बागोड़ा उपखंड क्षेत्र में कुल 60 गांव आते हैं इन साठ गावो में आबकारी विभाग की ओर से समूह के 7 ठेके आवंटित किए हुए है। लेकिन यहां पर तो सिर्फ अकेले बागोड़ा कस्बे में ही 10 दुकानें संचालित हो रहे है।
शहर में इन जगहों पर बिकती हैं खुले आम अवैध शराब
शहर के जीनगर कालोनी, आशापुरी माताजी मंदिर के समीप जिएएस रोड़, बागोड़ा के सिणधरी चौराहा, कुंडा ध्वेचा रोड़ निजी होटल में संचालित हैं, बागोड़ा कुंडा ध्वेचा रोड़ पर 4 किमी दुरी पर नाॅनवेज होटल, बागोड़ा के नया महादेव मंदिर के पिछे, चैनपुरा, नांदिया, गुजरवाड़ा सिणधरी सर्किल समेत अन्य जगहों पर देर रात तक जमावड़ा लगा रहता हैं।
… सहयोगी– नरपतसिंह राजपूत