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Monday, August 15, 2022
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Bangarmau:कलयुगी पिता ने दुष्कर्म जैसे गंभीर मुकदमे से बचने के लिए अपनी ही पुत्री की कर दी हत्या

जनपद उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र के एक गाँव में कलयुगी पिता ने दुष्कर्म जैसे गंभीर मुकदमे से बचने के लिए अपनी ही पुत्री की हत्या कर दी थी। यहां तक कि पुत्री की हत्या की साजिश में उसने अपनी पत्नी को भी शामिल कर लिया। घटना का पर्दाफाश हो जाने के बाद बुधवार को पुलिस ने हत्यारे दंपति को कोर्ट के समक्ष पेश किया। लेकिन अब मां बाप के कुकर्मों की सजा उसके तीन अबोध बच्चे भुगतेंगे। प्रश्न तो यह है कि अब अनाथ हो चुके तीन-तीन अबोध बच्चों का पालन पोषण आखिर कैसे होगा।

 

बताते चलें कि करीब तीन माह पूर्व कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भिखारीपुर रुल्ल निवासी ध्रुव अपने पड़ोस की विधवा रीना को नौकरी का लालच देकर फरीदाबाद हरियाणा ले गया था। जहां वह महिला को बंधक बनाकर लगातार दुष्कर्म करता रहा। मौका पाकर महिला फरीदाबाद से भाग निकली और अपने देवरों के साथ कोतवाली पहुंचकर घटना की तहरीर पुलिस को सौंपी। तहरीर के आधार पर पुलिस द्वारा की गई। जांच में आरोप सही पाया गया और दुष्कर्मी ध्रुव पासी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने और जेल जाने की तलवार लटकने लगी।

आरोपी ध्रुव ने जेल जाने से बचने और महिला तथा उसके स्वजनों को किसी गंभीर केस में फंसा देने का ताना-बाना बुनने लगा। अंततः आरोपी ध्रुव पासी ने अपनी ही पुत्री की हत्या कर महिला और उसके रिश्तेदारों को फंसा देने का प्लान बना डाला। उसने अपने प्लान के तहत बीते रविवार की शाम अपनी 13 वर्षीय पुत्री सोनम को गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक के निकट ले गया और आरसीसी पिलर पर सिर पटक पटक कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। यही नहीं बल्कि बलात्कार का रूप देने के लिए उसने अपनी बेटी के नाजुक अंगों को नाखूनों से खरोच डाला। आश्चर्यजनक तो यह है कि उसने अपनी पत्नी को भी हत्या के षड्यंत्र में शामिल कर उससे दुष्कर्म पीड़िता रीना और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ अपनी पुत्री की दुष्कर्म के बाद हत्या का मुकदमा भी कोतवाली में दर्ज करा दिया।

लेकिन कहावत है कि पाप इंसान के सिर चढ़कर बोलता है। आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह की बीते मंगलवार को वैज्ञानिक तरीके से कड़ी पूछताछ और जांच में घटना का पर्दाफाश हो गया। ध्रुव ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। बुधवार को पुलिस ने अपनी ही पुत्री के हत्या में दंपति को जेल भेज दिया और हिरासत में ली गई दुष्कर्म पीड़िता विधवा और उसके रिश्तेदारों को क्लीन चिट दे दी।

अब अपनी ही पुत्री का हत्यारा दंपति अपने कुकर्म की सजा भुगतेगा। लेकिन इस जघन्य घटना में उसके तीन अन्य अबोध बच्चों का आखिर क्या दोष है। ग्रामीणों के अनुसार बच्चों के पिता ध्रुव के नाम मात्र 10 बिस्वा जमीन है। खेती के अलावा वह डंफर चला कर तथा अन्य तरह से परिवार का पालान पोषण करता था। अब पालन पोषण का अन्य कोई साधन भी नहीं है। ऐसी स्थिति में अब अनाथ हो चुके तीन बच्चों की पढ़ाई और दो प्रहर की रोटी का जुगाड़ आखिर कैसे होगा।

 

अपनी 13 वर्षीय पुत्री सोनम का हत्यारा ध्रुव पासी बीते 20 मार्च को अपने पड़ोस की विधवा रीना को नौकरी दिलाने के बहाने फरीदाबाद हरियाणा ले गया था। जहां उसने बंधक बनाकर विधवा के साथ करीब एक माह तक जबरन दुष्कर्म किया। मौका पाकर विधवा दुष्कर्मी के चंगुल से छूट कर बीते 6 मई को अपने गांव आ पहुंची और बीते 7 मई को घटना की तहरीर कोतवाली में दी। लेकिन विधवा द्वारा दी गई तहरीर की जांच में हल्का दरोगा लगातार टालमटोल करता रहा। आश्चर्यजनक तो यह है कि पीड़िता को कोतवाली से न्याय न मिलता देख कर उसने रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्र भेजा। फिर भी कोतवाली पुलिस ने दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। ग्रामीणों का मानना है की यदि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दुष्कर्मी ध्रुव पासी को दबोच कर जेल भेज दिया होता तो आज अबोध बच्ची की हत्या जैसी जघन्य घटना नहीं होती और सोनम आज भी जिंदा होती।

 

रिपोर्टर अनिल यादव tv भारत संवाददाता बांगरमऊ उन्नाव

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