जिला ब्यूरो/मनोज सिंह
टीकमगढ़।जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल क्रमांक–2 में कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों से परीक्षा के नाम पर प्रति छात्र 100 रुपये की अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। यह वसूली बिना किसी वैधानिक आदेश और बिना रसीद किए जाने का आरोप है, जो शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
मीडिया टीम को जब इस संबंध में जानकारी मिली और मौके पर पहुंचकर स्कूल प्राचार्य एन.डी. अहिरवार से चर्चा की गई, तो उन्होंने प्रारंभ में इन आरोपों को सिरे से नकार दिया। हालांकि, जब छात्रों से प्रत्यक्ष बातचीत की गई, तो छात्रों ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि उनसे 100 रुपये लिए गए हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की रसीद या लिखित प्रमाण नहीं दिया गया।
छात्रों के बयान सामने आने के बाद प्राचार्य हरकत में आए और यह कहते हुए आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों से ली गई राशि वापस कर दी जाएगी। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यदि राशि नियमसंगत थी तो रसीद क्यों नहीं दी गई, और यदि अवैध थी तो वसूली ही क्यों की गई। इससे भी बड़ा सवाल यह है कि क्या यह पहली बार हुआ है या फिर लंबे समय से इसी तरह छात्रों से पैसे वसूले जा रहे हैं।
बिना रसीद राशि लेना न केवल शासकीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ अन्याय भी है। यह मामला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही पर सीधा प्रश्नचिन्ह लगाता है।
इस पूरे प्रकरण को कलेक्टर के संज्ञान में लाया जाना आवश्यक है, ताकि निष्पक्ष जांच कराई जा सके और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो, जिससे भविष्य में शासकीय विद्यालयों में इस तरह की मनमानी पर पूर्ण विराम लग सके











