जिला ब्यूरो/ मनोज सिंह
छात्र छात्राओं के अभिभावकों में रोष व्याप्त है कि उनके बच्चों का भविष्य को लेकर चिंतित है।
टीकमगढ़। जिले के सर्व शिक्षा अभियान तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी प्रभारी
एचएस चौहान द्वारा खेल सामग्री के फर्जी बिलों को लगाकर 52 लाख रुपए के मामले में तत्कालीन सागर कमिश्नर मुकेश कुमार शुक्ला द्वारा प्रभारी डीपीसी एचएस चौहान सहित अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध गबन के आरोप में निलंबन किया गया था। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय टीकमगढ़ के प्रभारी डीईओ एचएस चौहान ने प्रभार संभालते ही अनियमिताएं के कारनामे मामले आए दिन देखने को मिल रहे हैं कि उच्च श्रेणी शिक्षक को वित्तीय प्रभार और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित सहायक संचालक पद को रिक्त बताकर संकुल प्राचार्य को प्रभारी सहायक संचालक बनाने का मामला जिले में चर्चाओं का विषय बन गया।
ऐसा ही ताजा मामला सामने आया है, कि जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थ मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ( पीएससी ) से चयनित सिद्धार्थ जैन को सहायक संचालक के पद पर पदस्थापना 2 अगस्त 2024 को
नियुक्त किया था। जहां प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एचएस चौहान द्वारा
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय टीकमगढ़ में सहायक संचालक का पद रिक्त बताकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संकुल केंद्र प्राचार्य सीएल अहिरवार को प्रभारी संचालक सहायक बनाया गया है, वही इसी पद पर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित सिद्धार्थ जैन को सहायक संचालक के पदस्थ किया गया था इसके बावजूद भी प्रभारी डीईओ ने संकुल प्राचार्य सीएल को प्रभारी सहायक संचालक नियुक्ति किया है। ऐसी स्थिति में संकुल केंद्र में 35 करीब स्कूल आते हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं तीन से चार हजार लगभग अध्ययनरत होने के वावजूद भी प्रभारी डीईओ ने अपने निजी स्वार्थ को देखते हुए संकुल प्राचार्य को सहायक संचालक के पद पर नियुक्त किया है।
जिससे अब संस्था में शैक्षिक व्यवस्थाएं चौपट हो रही हैं इसमें पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के अभिभावकों में रोष व्याप्त हो रहा है, कि ऐसे में बच्चों का भी भविष्य खबर हो रहा है। प्रशासन से मांग की है कि संकुल प्राचार्य सीएल अहिरवार को प्रभारी सहायक संचालक के पद से हटाकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पठा में वापस किए जाने मांग की हैं । अब देखना यह होगा कि इस मामले में प्रशासन आगे क्या करता है।