Monday, August 8, 2022
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बांगरमऊ धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं मानक विहीन अस्पताल और फर्जी डॉक्टरों के क्लीनिक

जो कर रहे हैं मरीजों की जान से खिलवाड़, जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने की बात कह का झाड़ लेते हैं पल्ला

बांगरमऊ उन्नाव नगर में नर्सिंग होमों की बाढ़ सी आई हुई है ।हर चीज संभव है फर्जी डॉक्टर अपने अस्पतालों के बाहर लंबी चौड़ी डॉक्टरों की लिस्ट लगा कर आम जनता को गुमराह कर धड़ल्ले ले चला रहे हैं निजी नर्सिंग होम । जिले में लगातार कई बार जच्चा बच्चे की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही हमेशा बनी रहती है क्योंकि यहां के समुदाय स्वास्थ्य के अधीक्षक की सांठगांठ से फल फूल ते हैं। फर्जी डिग्रीधारी डॉक्टरों द्वारा संचालित निजी क्लिनिक और अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल अस्पताल के बाहर लंबी चौड़ी लिस्ट पर नजर आती है कई बार जब कई बेसहारा माँओं की गोद सूनी हो चुकी है उनके परिजनों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य समुदाय में बैठने वाले अधीक्षक के संरक्षण में फल फूलने का नाम निजी नर्सिंग होमो पर लगाया में फर्जी डॉक्टरों का बोलबाला ।

डॉक्टरों द्वारा इलाज करने और अस्पताल चलाने का मामला बढ़ता ही जा रहा है, ऐसे कई फर्जी डिग्रीधारी डॉक्टर राज्य में है जो निजी क्लिनिक और अस्पताल धड़ल्ले से चला रहे हैं

कई जगहों पर निजी नर्सिंग चलाते पकड़ा गया है। उनका नर्सिंग होम परिसर और पुरवा, सफीपुर, रोड पर स्थित है। फर्जी कागजात पर उसने न केवल स्वास्थ्य विभाग से नर्सिंग होम का निबंधन करा लिया, बल्कि बैंकों से लाखों का लोन भी पास करा लिया ।

इससे पहले उन्नाव मामला उजागर होने पर सिविल सर्जन ने दोनों नर्सिंग होम के संचालन का सर्टिफिकेट रद्द कर दिया है।

नर्सिंग होम में सामान्य मरीजों के इलाज के साथ ही ऑपरेशन और सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज होता था ।

यहां एनेस्थिसिया से लेकर बड़े सर्जन ऑन कॉल आते थे. पिछले पांच वर्षों से दोनों नर्सिंग होम चल रहे थे। इसके लिए कई एजेंटों को मोटी कमीशन राशि मिलती थी, जो मरीजों को विभिन्न गांव से यहां लेकर आते थे ।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि उन्नाव जिले में जितने भी गलत काम करने वाले होते हैं तो वह कोई ना कोई बड़े नेताओं की गोद में आकाओं का आशीर्वाद बना हुआ है जिसको लेकर कार्रवाई तो होती है लेकिन वह खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली जाती है अब देखने वाली बात यह होगी कि वाकई स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आप की मुहिम कितना रंग लाती है फर्जी प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन में लगाकर राज्य चिकित्सा पर्षद में खुद को एमबीबीएस डॉक्टर के रूप में निबंधित कराने की फिराक में था. इसके लिए 21 मई 2022 को मेडिकल काउंसिल में आवेदन जमा किया था ।

चार जून 2022 को काउंसिल में प्रस्तुत प्रमाण पत्रों के सत्यापन के क्रम में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ ।कई बार मामला उजागर होने पर जिले के सिविल सर्जन ने रद्द किया नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन। फर्जी कागजात के सहारे नर्सिंग होम का कराया था रजिस्ट्रेशन, जेल भेजे गये फर्जी डॉक्टर यह पहला मामला नहीं है। राज्य भर में फर्जी नेम प्लेट पर विदेशी डिग्री का तमगा लगाकर ऐसे फर्जी डॉक्टर प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस तरह के गलत लोगों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई होनी जानी चाहिए ।मंत्री साहब यहां के सीएमओ व अधीक्षक यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं नर्सिंग होम को बंद करा दिया गया है। नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जायेगी। मामले की पड़ताल चल रही है। नर्सिंग होम खोलने के लिए जमा किये गये कागजात की जांच होगी।

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