Friday, August 12, 2022
Homeमध्य प्रदेशमतगणना: व्यवस्थाएं चरमराई, बेहाल कर्मचारी, खफा पत्रकार, मजाक बनी कार्यप्रणाली

मतगणना: व्यवस्थाएं चरमराई, बेहाल कर्मचारी, खफा पत्रकार, मजाक बनी कार्यप्रणाली

जिला ब्यूरो/मनोज सिंह

 

मतगणना: व्यवस्थाएं चरमराई, बेहाल कर्मचारी, खफा पत्रकार, मजाक बनी कार्यप्रणाली

निर्वाचन आयोग ने संज्ञान में लिया मामला, दिये निर्देश ।

टीकमगढ़। मतगणना को तमाशा बनाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों ने आज मतगणना के प्रथम चरण में अपनी मंशा उजागर कर दी। जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासन के गठबंधन ने सारी व्यवस्थाएं तार-तार कर दी। कहने को प्रशासनिक अधिकारी कितने ही दावे क्यों न करें, लेकिन सच्चाई यह है कि पहली ही मतगणना में न तो कर्मचारी खुश नजर आए और न ही पत्रकार। विरोध के स्वरों के बीच प्रशासन आखिरकार अपने मन की करने में कामयाब रहा। भीषण गर्मी में कर्मचारियों ने किसी तरह मतगणना के कार्य को अंजाम दिया। उनकी हालत देखते ही बन रही थी। इसी दौरान पत्रकारों पर लगी तरह-तरह की पाबंदियों ने सच्चाई पर पर्दा डालने का आरोप लगाते हुये उन्हें प्रशासन द्वारा जारी किये गये पास को सडक़ों पर रखकर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि न तो उन्हेें ठीक से कबरेज करने दिया गया और न ही उन्हें मीडिया कक्ष तक भी मोबाइल नहीं ले जाने दिया गया, जिस कारण पत्रकार खफा नजर आये। इतना ही नहीं उन्हें सम्बंधित कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की जानकारी ही दी गई। सरपंच एवं जनपद सदस्य चुनावी परिणामों को जानने के इच्छुक ग्रामीणों में भी अच्छी खासी नाराजगी देखी गई। यहां प्रशासन द्वारा सुरक्षा के जो इंतजाम किये गये, वह भी नाकाफी साबित हुये। यदि इसी तरह के इंतजाम नगर पालिका एवं नगर पंचायत चुनाव के दौरान किये गये, तो निश्चित ही प्रशासन की भद्द पिटना तय है। बताया गया है कि टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में पहले चरण की मतगणना के दौरान भारी भीड़ इक_ा हो गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों सहित सभी को अंदर जाने से रोका । भीड़ बढऩे से हालात भी बिगडऩे लगे। इसके बाद पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा । इस बीच लगातार लोगों और प्रशासन के बीच नोक झोंक होती दिखाई दी । मतगणना केंद्र पर पहले चरण की मतगणना का काम पूरा हो गया। इसके बाद दूसरे चरण की गणना शुरू हुई, लेकिन सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक मीडिया कर्मियों को मतगणना केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। जिसको लेकर अच्छा खास असंतोष नजर आया। आखिर इस बिगड़ते हालात पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने नजर रखी और किसी तरह पांच-पांच पत्रकारों को अंदर जाने दिया गया, लेकिन वह भी बिना कैमरे एवं मोबाइल के तफरी करने तक ही सीमित रहे। बताया गया है कि टीकमगढ़ जिले में 28 जून को पहले चरण के मतदान की गणना आज शुरू हो गई है । बल्देवगढ़ और खरगापुर क्षेत्र के 301 मतदान केंद्रों के लिए गणना का काम शुरू किया गया। आज शाम तक गणना की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पंच, सरपंच, जनपद सदस्य की मतगणना सारणी परिणाम की घोषणा 15 जुलाई को होगी । बल्देवगढ़ एसडीएम सौरभ मिश्रा ने बताया कि आज 80 ग्राम पंचायतों, 4 जिला पंचायत के वार्ड, 25 जनपद पंचायत वार्ड तथा 1379 पंच वार्डों के मतों की गणना की गई। खरगापुर के तीन वेयर हाउस में बनाए गए मतगणना केंद्र में 400 कर्मचारियों को काउंटिंग के लिए लगाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 8:30 बजे से मतगणना का काम शुरू किया गया, जो पूरा कर लिया गया है।
हद कर दी आपने….
लोकतंत्र के तार-तार करने और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर आम जनता एवं मीडिया कर्मी खफा नजर आए। हद तो अधिकारियों-कर्मचारियों ने तब कर दी, जब यहां के वार्ड नंबर 5 के एक उम्मीदवार सत्य प्रकाश यादव को ही प्रवेश नहीं दिया गया। वह बेचारा अंदर जाने के लिये कर्मचारियों से कहता रहा। इतना ही नहीं परिचय पत्र हाथों में लिये मीडिया कर्मी यहां दर्शनार्थी बने खड़े रहे। प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी मीडिया की व्यवस्थाएं करने के बजाय किनारा करते नजर आए। यहां अपना डीजल पैट्रोल जलाकर पहुंचे पत्रकारों के हाथ भी मायूसी लगी। यही हालात आने वाले चुनावों एवं मतगणना के दौरान बने रहे, तो निश्चित ही सरकार और प्रशासन की छीछालेदर होते देर नहीं लगेगी। यह तो हद कर दी, कि निमंत्रण देकर दुत्कार दिया। अच्छा आपने व्यवहार किया।

*निर्वाचन आयोग के कानों तक पहुंचा मामला*

खरगापुर के सारे घटना क्रम को निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। उन्होंने दूसरे चरण के मतदान में किसी तरह पत्रकारों को प्रवेश दिया। बताया गया है कि पत्रकारों के साथ प्रशासन के रवैये को लेकर आयोग ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की। यहां सारी व्यवस्थाएं तार-तार होती नजर आई। मतगणना में लगे कर्मचारियों को भीषण गर्मी से जूझना करना पड़ा, तो आने वाले उम्मीदवारों को भी अव्यवस्थाओं से दो-चार होना पड़ा। ऐसे हालातों में मतगणना कराने से प्रशासन की छवि पर गहरा असर पड़ा है। आने वाले दिनों में कर्मचारी बीमारी की चपेट में भी आएं तो आश्चर्य नहीं करना चाहिये।

आपकी राय

Sorry, there are no polls available at the moment.
RELATED ARTICLES