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Monday, August 15, 2022
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मां हीराबेन के 100वें जन्मदिन पर पीएम ने लिखा ब्लॉग कहा मां निस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति

मां अब्बास के प्रति उतनी ही स्नेही और उसकी उतनी ही देखभाल करती थी, जितनी वह हम सभी भाई-बहनों की किया करती थी : पीएम मोदी

मां हीराबेन के 100वें जन्मदिन पर पीएम ने लिखा ब्लॉग कहा मां निस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मां के 100वें जन्मदिन पर एक ब्लॉग लिखा है। जिसमें उन्होंने उस समय के यादगार लम्हों को याद किया है जब वे बच्चे थे। पीएम मोदी ने अपनी मां हीराबेन को धन्यवाद दिया है जिन्होंने उनके परिवार को दूसरे लोगों की खुशियों में अपनी खुशी ढूंढने के महत्व को बताया।पीएम ने बताया कि कैसे उनके पिता के दोस्त के निधन के बाद उनका बेटा, उनके घर आया और उनके साथ रहा।

पीएम मोदी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लिखे ब्लॉग में कहा, ‘मां दूसरों की खुशियों में अपनी खुशी ढूंढा करती थीं। हमारा घर बेशक छोटा था लेकिन उनका दिल बहुत बड़ा था। मेरे पिता के घनिष्ठ मित्र पास के गांव में रहते थे। उनकी असमय हुई मौत के बाद पिताजी उनके बेटे अब्बास को हमारे घर ले आए थे। वह हमारे साथ रहा और उसने अपनी पढ़ाई पूरी की।’

पीएम ने आगे बताया, ‘मां अब्बास के प्रति उतनी ही स्नेही और उसकी उतनी ही देखभाल करती थी, जितनी वह हम सभी भाई-बहनों की किया करती थी। हर साल ईद के मौके पर वो उसकी पसंद का खाना बनाती थीं। त्योहारों पर, पड़ोस के बच्चों का हमारे घर आना और मां की विशेष तैयारियों का आनंद लेना आम बात थी। जब भी कोई साधु हमारे पड़ोस में आता, तो मां विनम्रता से उन्हें भोजन के लिए हमारे घर आमंत्रित करती थीं।’

मां के 100वें जन्मदिन पर पीएम ने गांधीनगर जाकर उनसे मुलाकात की और आशीर्वाद लिया। मां की तारीफ करते हुए पीएम ने लिखा, ‘अपने निस्वार्थ स्वभाव के अनुरूप, वह साधुओं से अपने लिए कुछ भी मांगने के बजाय हम बच्चों को आशीर्वाद देने का अनुरोध करती थी। वह उनसे आग्रह करती थीं, ‘मेरे बच्चों को आशीर्वाद दें कि वे दूसरों के सुख में खुश रहें और उनके दुख में सहानुभूति रखें। उनमें भक्ति और सेवाभाव हो।’

पीएम के अपनी मां से मिलने की जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें उन्हें आशीर्वाद लेते, प्रसाद खिलाते और मां के पैर धोते हुए देखा जा सकता है। बता दें कि मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। पीएम बनने के बाद वे पहली बार अक्टूबर 2017 में, अपने गृहनगर वडनगर गए थे। यह पूर्वी गुजरात का वही शहर है जहां एक रेलवे स्टेशन पर पीएम मोदी बचपन में अपने पिता की चाय बेचने में मदद करते थे। इस जीर्ण-शीर्ण चाय की दुकान का जीर्णोद्धार किया गया है। रेलवे स्टेशन का भी सौंदर्यीकरण किया गया है।

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