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Saturday, August 13, 2022
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2022 तक सब को पक्का घर देने वाले चला रहे हैं लोगों के घरों पर बुलडोजर: Akhilesh Yadav

पुरवा बीघापुर मार्ग के चौड़ीकरण में गरीब हरिपाल के मकान को गिराने पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ट्वीट से हरकत में आया प्रशासन ,

पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने पत्र जारी करके गरीब के निवास की वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा

UP: अखिलेश के ट्वीट से हरिपाल को घरौंदे की आस, लिखा- हमारी संस्कृति में तो चिड़ियों के घोंसले भी नहीं तोड़े जाते।ट्वीट कर अखिलेश ने लिखा- ये है 2022 तक सबको घर देने का झूठा वादा करने वाली भाजपा का सच। आंसुओं का मोल समझने के लिए एक संवेदनशील हृदय चाहिए होता है।

उन्नाव जिले में पुरवा बीघापुर मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान अतिक्रमण हटाते समय गरीब हरिपाल के मकान को गिराने पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ट्वीट से हड़कंप मच गया। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने पत्र जारी करके गरीब के निवास की वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है।

बीघापुर तहसील क्षेत्र में पुरवा-बीघापुर मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी दौरान ग्राम मगरायर बाधा बने छह मकान अवैध बताकर ध्वस्त कर दिए गए। इसमें गांव निवासी हरिपाल का मकान भी गिर गया। उसका परिवार सड़क पर आ गया। हरिपाल का कहना है कि उसने अपनी जमीन पर घर बनाया था। उसका रोते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

जिस पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर दिया। तुरंत पीडब्ल्यूडी एक्सईएन हरदयाल अहरिवार ने पत्र जारी कर बताया कि हरिपाल ने विभागीय भूमि पर निर्माण कर लिया था। इसे शासन द्वारा निर्धारित अतिक्रमण अभियान के अंतर्गत हटाया गया है। उसके निवास की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है।

वहीं हरिपाल का कहना है कि दो दिन पहले तहसील बीघापुर व पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारी आए थे। उससे एक कागज पर हस्ताक्षर कराकर 45 हजार रुपये खेतों में मकान बनवाने के लिए दे गए थे। कर्मियों ने ये बात किसी को बताने से मना किया था। हरिपाल का कहना है कि 45 हजार रुपये में तो एक कमरा भी इस महंगाई में बनना मुश्किल है।

ये है पूर्व सीएम का ट्वीट 

अखिलेश ने लिखा कि ये है 2022 तक सबको घर देने का झूठा वादा करने वाली भाजपा का सच। आंसुओं का मोल समझने के लिए एक संवेदनशील हृदय चाहिए होता है। जो भाजपा सरकार में नहीं है। कहा कि संस्कृति का झूठा स्वांग रचने वाले जान लें कि हमारी संस्कृति में तो चिड़ियों के घोंसले भी नहीं तोड़े जाते हैं।

ये है 2022 तक सबको घर देने का झूठा वादा करनेवाली भाजपा का सच।

आँसुओं का मोल समझने के लिए एक संवेदनशील हृदय चाहिए होता है… जो भाजपा सरकार में नहीं है।

संस्कृति का झूठा स्वांग रचनेवाले जान लें कि हमारी संस्कृति में तो चिड़ियों के घोंसले भी नहीं तोड़े जाते हैं।

रिपोर्ट अदनान शाह अजीज

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