जिला ब्यूरो /मनोज सिंह
टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत फरका पठराई में सरकारी कार्यों के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायत में बगैर किसी तकनीकी मूल्यांकन और स्वीकृति के सरपंच द्वारा कार्य कराए गए, जो न केवल गुणवत्ता-विहीन हैं बल्कि शासन के नियमों की खुली अवहेलना भी दर्शाते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों एवं सूत्रों के अनुसार पंचायत में कराए गए निर्माण/कार्य की ना तो पूर्व में तकनीकी जांच कराई गई और ना ही कार्य पूर्ण होने के बाद गुणवत्ता का कोई सत्यापन किया गया। इसके बावजूद संबंधित कार्यों का भुगतान कर दिया गया। आरोप यह भी है कि इस पूरे मामले में सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत से कागज़ों में कार्य पूर्ण और संतोषजनक दर्शाकर लाखों रुपये की शासकीय राशि हड़प ली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन कार्यों पर भारी-भरकम राशि खर्च दिखाई गई है, वे जमीनी स्तर पर या तो अधूरे हैं या इतनी घटिया गुणवत्ता के हैं कि कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे न केवल सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ है, बल्कि पंचायत की साख और ग्रामीण विकास की मंशा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि मूल्यांकन और तकनीकी स्वीकृति के बिना भुगतान होना, वित्तीय नियमों और पंचायत अधिनियम का सीधा उल्लंघन माना जाता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार की श्रेणी में आएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित कार्यों का भौतिक सत्यापन हो, और दोषी पाए जाने पर सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, शासन को हुई वित्तीय क्षति की वसूली भी जिम्मेदारों से की जाए।












