जिला ब्यूरो/मनोज सिंह
टीकमगढ़ में बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया बार-बार विफल होने के बाद अब इसे शासन स्तर पर स्थापित करने की मांग ज़ोर पकड़ने लगी है। शनिवार को भाजपा नेता विकास यादव ने प्रेस वार्ता कर साफ़ शब्दों में कहा कि निजी मॉडल जनहित में नहीं, बल्कि मुनाफ़े के लिए काम करता है।
पीपीपी मॉडल पर सरकार की योजना
भाजपा नेता विकास यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में 9 मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए पीपीपी मोड पर निविदाएं आमंत्रित की थीं।
इनमें टीकमगढ़ के साथ अशोकनगर, गुना सहित कई अन्य जिले शामिल हैं। उद्देश्य था कि निजी निवेश से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट सामने आई है।
टेंडर फेल, निजी शर्तें बनीं बाधा
विकास यादव के अनुसार, कई बार टेंडर प्रक्रिया जारी होने के बावजूद अनेक जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं हो पाए।
कारण स्पष्ट है—
निजी संस्थाएं अस्पतालों का अधिग्रहण कर अपनी शर्तें लागू करना चाहती हैं। इससे पूरी व्यवस्था निजी नियंत्रण में चली जाती है, जहां प्राथमिकता जनसेवा नहीं, बल्कि व्यावसायिक हित बन जाते हैं।
जनस्वास्थ्य के मोर्चे पर निजी मॉडल फेल
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि पीपीपी मॉडल के कई उदाहरण पहले से मौजूद हैं, जहां आम नागरिकों को न तो सस्ती चिकित्सा मिली और न ही गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं।
इसी वजह से विभिन्न डॉक्टर संगठनों और स्वास्थ्य से जुड़े संगठनों ने भी पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने का विरोध किया है।
आसपास के जिलों में कॉलेज, टीकमगढ़ उपेक्षित
विकास यादव ने तर्क दिया कि टीकमगढ़ के आसपास के जिलों—
झांसी, दतिया,सागर में पहले से मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि ललितपुर और छतरपुर में नए कॉलेज निर्माणाधीन हैं।
ऐसे में टीकमगढ़ को पीपीपी मॉडल में उलझाए रखना क्षेत्र के साथ अन्याय है।
शासन स्तर पर कॉलेज ही जनहित में भाजपा नेता का स्पष्ट कहना है कि केवल शासकीय मेडिकल कॉलेज ही— गरीब और मध्यम वर्ग को सस्ती चिकित्सा
पारदर्शी व्यवस्था जनहित को प्राथमिकता
दे सकते हैं। निजी संस्थाएं स्वाभाविक रूप से अपने लाभ को सर्वोपरि रखती हैं, जिसमें आम जनता की उपेक्षा तय है।
भोपाल तक पहुंची टीकमगढ़ की मांग
टीकमगढ़ के मेडिकल कॉलेज को लेकर अब मामला भोपाल तक पहुंच चुका है।
विकास यादव के आग्रह पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर टीकमगढ़ में मेडिकल कॉलेज को शासकीय स्तर पर स्थापित करने का अनुरोध किया है।












