जिला ब्यूरो /मनोज सिंह
टीकमगढ़/जतारा। वन विभाग जतारा इन दिनों सख्त तेवर में है। महज़ दो दिनों में लगातार दो बड़ी कार्रवाइयों से अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।
पहली कार्रवाई 28 अगस्त को हुई, जब पलेरा नगर परिषद क्षेत्र के पटपरा वार्ड क्रमांक 15 में विद्युत करंट की चपेट में आने से एक नीलगाय की मौत हो गई। जांच में पाया गया कि खेत मालिक बारे लाल माते ने फसल की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से बिजली का करंट प्रवाहित कर रखा था। वन अमले ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं 2, 9, 39 एवं 51 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया। इसके बाद न्यायालय ने 29 अगस्त को आरोपी को जेल भेज दिया।
दूसरी बड़ी कार्रवाई 30 अगस्त को सामने आई। वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार को सूचना मिली कि बीट कछोरा की उर नदी से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन अमले ने मौके पर दबिश दी और दो लाल रंग के न्यू सोल्ड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा, जिनमें आधी से अधिक ट्रॉली रेत भरी हुई थी। वाहन मालिक प्रकाश कुशवाहा और घमंडी अहिरवार के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर ट्रैक्टरों को जब्त कर वन परिक्षेत्र कार्यालय जतारा में सुरक्षित खड़ा कराया गया।
इन दोनों कार्रवाइयों के साथ ही जतारा वन परिक्षेत्र ने साफ संदेश दिया है कि चाहे वन्य जीवों की हत्या हो या प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कार्रवाई में वन परिक्षेत्र जतारा की पूरी टीम मौजूद रही, जिनमें कार्यवाहक उपवन क्षेत्रपाल ओमप्रकाश रैकवार, वनपाल सीपी सौर, रियाजुद्दीन काज़ी, राजेश विक्रम सिंह, जालम प्रजापति, पुष्पेंद्र सिंह बुंदेला, धीरज सोनी, ललित राय, विकास वर्मा, प्रमोद अहिरवार, संजय दीक्षित, शुभम पटेल, जयराम अहिरवार, अशोक वर्मा, अमन प्रजापति, विवेक वंशकार, अनिल द्विवेदी, आज़ाद खान स्थाई कर्मी और वाहन चालक शहीद खान शामिल रहे।
खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है। बताया जा रहा है कि अवैध रेत परिवहन में प्रयुक्त तीसरे ट्रैक्टर की तलाश भी जारी है।
इन कार्रवाइयों के पीछे छतरपुर वन परिक्षेत्र के संरक्षक, वन मंडल अधिकारी टीकमगढ़ एवं उपवन मंडल अधिकारी टीकमगढ़ का स्पष्ट निर्देश है वन और वन्य जीव से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।