जिला ब्यूरो/मनोज सिंह
टीकमगढ़। नगर परिषद कारी में पेयजल व्यवस्था सवालों के घेरे में है। मंगलवार शाम करीब 5 बजे जब नलों से पानी की आपूर्ति शुरू हुई, तो वार्ड क्रमांक 8 के लोगों को स्वच्छ पानी की जगह बदबूदार और गंदा पानी मिला। हालात ऐसे रहे कि लोगों ने बाल्टियों में भरा पानी देखकर ही उपयोग से हाथ खींच लिए।
वार्ड क्रमांक 8 के निवासी राजकुमार पांडे और उमेश तिवारी ने बताया कि पिछले कई दिनों से नलों में लगातार गंदा पानी आ रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। इस संबंध में उन्होंने वार्ड पार्षद और नगर परिषद कार्यालय में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निराश होकर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई।
निवासियों का आरोप है कि शिकायत के बाद नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर पहुँचे और निरीक्षण किया, लेकिन समस्या दूर करने के बजाय उनसे सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। इसके बावजूद पानी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में बैठे-बैठे ही शिकायतों का निराकरण दिखा देते हैं, जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी रहती है।
इस मामले में नगर परिषद कारी के सीएमओ ने बताया कि गंदे पानी की शिकायत प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि पानी की टंकी की सफाई कराकर उसमें ब्लीचिंग पाउडर डलवाया गया है तथा इंजीनियरों और कर्मचारियों को पाइपलाइन की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी गंदा पानी आ रहा हो, तो उसे पीने में उपयोग न करें। वहीं, वार्डवासियों का कहना है कि जब तक नलों से साफ और सुरक्षित पानी नहीं आएगा, तब तक आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।












