Friday, August 12, 2022
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सुस्त पड़ी मानसून की रफ्तार किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें

सुस्त पड़ी मानसून की रफ्तार किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें

देश के कई राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है वहीं बांकी इलाकों में जल्द ही उसके पहुंचने की संभावना है। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने आज भी कई राज्यों में झमाझम बारिश होने की संभावना व्यक्‍त की है।दिल्ली के लोग भी मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अनुसार 27 जून से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने जबकि 27 जून से तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली में 27 जून से हल्की बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है, जबकि 28 से 29 जून तक मानसून के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में 30 जून को तेज बारिश हो सकती है, जिसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के (Skymet Weather) के अनुसार, मानसून में कुछ देरी की संभावना है। दरअसल, सामान्य तौर पर मानसून 27 जून को राजधानी में दस्तक देता है। हालांकि, इस बार 30 या 31 जून तक मानसून के दिल्ली पहुंचने की संभावना है।

दिल्ली के लोगों का मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म हो सकता है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली समेत उत्तर भारत के राज्यों में मानसून के पहुंचने का काउंटडाउन शुरू हो गया है.

 

देश के कई राज्यों में मानसून की बारिश जारी है। IMD की मानें तो दक्षिण-पश्चिमी हवा के प्रभाव से अगले दो दिनों में पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने का अनुमान है।

 

IMD ने 29 जून तक उत्तराखंड में भारी बारिश के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। निदेशक IMD बिक्रम सिंह के अनुसार, कुमाऊं मंडल के बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित क्षेत्रों में आज भारी बारिश की संभावना है. 27 जून के बाद बारिश का दायरा बढ़ेगा और नैनीताल के आसपास के इलाकों की ओर बढ़ेगा।

 

यूपी में भीषण गर्मी और कारण उमस और चिपचिपी गर्मी बढ़ गई है। शनिवार सुबह से तेज धूप और फिर बादलों ने मौसम में उमस बढ़ा दी थी। मौसम विभाग ने पश्चिमी प्रदेश में अगले दो दिन तक साफ मौसम और पूर्वी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के लिहाज से राजस्थान से होकर बंगाल की खाड़ी की ओर जाने वाली टर्फ लाइन के कारण हवा में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इससे प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी उम्मीद है।

 

बिहार के कटिहार और पूर्णिया, 27 जून को किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जबकि 28 जून को पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों में एक दो जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी उत्तर प्रदेश के साथ साथ झारखंड व उसके आसपास चक्रवातीय परिसंचरण की स्थिति होने से राज्य के अलग अलग भागों में बारिश का सिस्टम सक्रिय है।

पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से के तीन जिलों के निचले इलाके पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जलमग्न हो गए हैं। प्रभावित जिलों में जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार शामिल है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अलीपुरद्वार और कूचबिहार में अगले पांच दिनों के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि अन्य जिलों में अगले दो दिनों में गरज के साथ छीटें पड़ने तथा भारी बारिश की संभावना जतायी है।

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