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Wednesday, September 28, 2022
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मत्स्य विभाग के डायरेक्टर ने बायो फ्लॉक प्लांट का किया निरीक्षण

 

मनोज सिंह/जिला ब्यूरो

मत्स्य विभाग के डायरेक्टर ने बायो फ्लॉक प्लांट का किया निरीक्षण

 

प्लांट की तकनीकी व्यवस्थाओं को देख टीम ने की किसान की प्रशंसा

टीकमगढ़। टीकमगढ़ जनपद पंचायत के दरियाव नगर ग्राम पंचायत मैं स्थित मत्स्य उत्पादन प्लांट का शनिवार की दोपहर मध्य प्रदेश मध्य मत्स्य विभाग के संचालक भरत सिंह ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण किया तो वही प्लांट की तकनीकी व्यवस्था को देख कृषक सुरेंद्र सिंह की लगन और महनत कि जमकर प्रशंसा की उन्होंने कहा इंसान चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकता किसानी करके भी अच्छा खासा मुनाफा कमा सकता है। उन्होंने कहा कृषक सुरेंद्र सिंह ने बहुत कम समय में मत्स्य उत्पादन के 25 बायो फ्लॉक टैंक स्थापित कर जिले अन्य किसानों को मिसाल पेश की है और वह अच्छा खासा मुनाफा कमाने की स्थिति में जा पहुंचे हैं। उन्होंने हितग्राही को नवीन तकनीकी से अवगत कराया साथ ही न्यूनतम आय में अधिकतम उत्पादन कैसे प्राप्त किया जा सकता है साथ ही स्थानीय स्तर पर मछलियों के लिए स्थानीय खाद्य सामग्री का उपयोग कर कम लागत में अधिक आए कैसे प्राप्त की जा सकती है इस विषय पर भी विस्तृत चर्चा की हितग्राही को यह भी सुझाव दिया गया की यदि वह सक्षम है तो उपलब्ध 0.1 हेक्टर जमीन में जल क्षेत्र के पोखर का निर्माण कर पॉलिकल्चर का प्रयोग कर एक साथ उत्पादन किया जा सकता है। और मछली पालन ग्रामीणो के लिए बेहतर आय का स्त्रोत बन सकता है। किसान अगर मछली पालन सही तरीके से करें और उनके पास पानी का बढ़िया स्त्रोत हो तो मछली पालन उनकी आजीविका का साधन बन सकता है और वो एक बेहतर जिंदगी जी सकते हैं।
प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत टीकमगढ़ जिला कृषि विभाग द्वारा इसी पहल के तहत किसानों को मछली पालन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, उन्हें मछली पालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में मछली पालन एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है जिसमें रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। ग्रामीण विकास एवं अर्थव्यवस्था में मछली पालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। मछली पालन के द्वारा रोजगार सृजन तथा आय में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं, ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े हुए लोगों में आमतौर पर आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य कमजोर तबके के हैं जिनका जीवन-स्तर इस व्यवसाय को बढ़ावा देने से उठ सकता है। मत्स्योद्योग एक महत्वपूर्ण उद्योग के अंतर्गत आता है तथा इस उद्योग को शुरू करने के लिए कम पूंजी की आवश्यकता होती है। इस कारण इस उद्योग को आसानी से शुरू किया जा सकता है। निरीक्षण टीम के साथ सहयोगी जिले के मत्स्य विभाग के सहायक संचालक राजकुमार मिश्रा, विभागीय इंजीनियर
प्रभाकर टिकारिया डॉ प्रीति सिंह परमार उपभोक्ता सदस्य, विभागीय इंजीनियर पंकज मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप खरे, वसीम खान राकेश भास्कर, गोपाल विश्वकर्मा, संतोष कुमार के साथ मत्स्य विभाग के आलाधिकारी उपस्थित रहा।

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