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Monday, September 26, 2022
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बांगरमऊ: मोबाइल टॉर्च की रोशनी में डॉक्टर मरीजों का कर रहे इलाज

उन्नाव:  सूबा के स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भले ही सरकारी अस्पतालों का अचानक दौरा करके लोगों को बेहतर सेहत सेवाएं देने के लिए मेडिकल स्टाफ को निर्देशित कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी व्यवस्थाएं ठीक होने की वजह और बीमार होती जा रही हैँ.उन्नाव में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की घोर लापरवाही सामने आई है। यहां बिजली न होने पर जनरेटर चलाने की बजाय मोबाइल टॉर्च की रोशनी में डॉक्टर मरीजों का इलाज करते दिखे। मामला बांगरमऊ के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का है. डॉक्टरों के इस कारनामे का वीडियो वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार बांगरमऊ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप होने के बाद यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी मच गई. मरीज उमस भरी गर्मी के बीच अंधेरे में रहने को मजबूर हैँ। हैरानी तो इस बात की है अंधेरे में ही मरीजों का इलाज कर उनकी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। जनरेटर चलवाने की वजाय डॉक्टर मोबाइल टॉर्च की रोशनी में ही मरीजों का इलाज करने पहुंच गए। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों के इस कारनामे का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें चिकित्सक बाकायदा सिरींज में दवा भर रहे हैं और मरीज को इंजेक्शन लगाया जा रहा है।

डीजल का बजट न होने से की वजह से बंद पड़े हैं जनरेटर

अस्पताल कर्मियों ने ऑफ द रिकॉर्ड बताया कि डीजल का बजट नहीं होने की वजह से जनरेटर नहीं चलाए जाते हैँ। मगर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसर इसका कोई वैकल्पिक रास्ता ढ़ूढने की वजाय जुगाड़ से काम चला रहे हैँ। यहां भर्ती मरीज के तीमारदारों ने कहा कि अस्पताल के हालात तो गांव से भी बदहाल हैं, यहां अंधेरे में ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है, अगर किसी मरीज को गलत इजेंक्शन या दवा का डोज देने से उसकी जान चली गई तो कौन जिम्मेदार होगा? लोगों का कहना है कि जब खुद डिप्टी सीएम अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर हालात जान रहे हैं, उसके बावजूद भी लचर व्यवस्थाएं सुधारी नहीं जा रहीं।

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