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Monday, September 26, 2022
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नेताओं को खुश करने के लिये एक थाना प्रभारी ने दूसरे थानेदार से कर डाली बदसलूकी

मनोज सिंह/जिला ब्यूरो

 

नेताओं को खुश करने के लिये एक थाना प्रभारी ने दूसरे थानेदार से कर डाली बदसलूकी
नगर पंचायत चुनाव के दौरान सुरक्षा के लिये बुलाये गये थानेदार ने ही किया विभाग को शर्मसार

टीकमगढ़। कहते हैं कि सैया भये कोतवाल तो फिर डर काहे का..? और जब कोतवाल की गलती करे, तो काहे को डरे…। आज लिधौरा में नगर पंचायत चुनाव के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह नहीं होना चाहिये था। पुलिस विभाग में जब उनके अपने ही परेशानियां बढ़ाने लगें, तो फिर आम लोगों का तो कहना ही क्या। एक ईमानदार और निष्ठावान थानेदार के अपमान और उनके साथ की गई अभद्रता को वह भले ही भूल गये हों, लेकिन ग्रामीणों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कहते है कि जो करता है, वही मरता है…। नहीं करने वाले तो मौज करते हैं। जिले में अब तक थानों को नेताओं के इशारे पर चलाये जाने के आरोप कांग्रेस लगाती आ रही है। फर्जी मामलों को दर्ज करने और आरोपियों को संरक्षण देने जैसे मामले सुर्खियों में बने हुये हैं, जो पुलिस के लिये शर्मसार करने वाली बात कही जा सकती है। ईमानदारी से कार्य करने वाले थानेदारों में एक थाना प्रभारी लिधौरा के साथ चुनाव के दौरान एक अन्य थानेदार ने जो व्यवहार किया, उससे उनका मनोबल जहां टूटा होगा, वहीं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष विभाग को शर्मसार करने वाली इस घटना पर किसी प्रकार का अब तक संज्ञान न लेना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि ऐसा ही व्यवहार किसी सामान्य नागरिक ने किया होता, तो शायद अब तक गिरफ्तार कर लिया गया होता। बताया गया है कि नगर पंचायत चुनाव लिधौरा में अपने निर्धारित समय पर शुरू हुये। इस दौरान मोबाइल अंदर ले जाने पर प्रतिबंध रहा। लेकिन एक पार्षद की बात किसी बड़े से कराने में यह महिला थानेदार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती नजर आईं। जब चुनाव की कमान सम्हाल रहे डिप्टी कलेक्टर अभिजीत जी ने एक पार्षद को बार-बार बाहर जाकर बात करते देखा, तो उन्होंने इस संबन्ध में एसडीओपी श्री पांडे एवं थाना प्रभारी लिधौरा को बुलाकर देखने के लिये कहा। सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी के कहने पर जैसे ही थाना प्रभारी बाहर प्रांगण में पहुंचे, तो वहां साहब के गनर ने बताया कि उक्त पार्षद की बात मेडम के फोन से कराई जा रही है। संभवत: यह बात चुनाव को लेकर ही की जा रही होगी। यह तो मेडम को मोबाइल से काल डिटेल निकलवाने पर ही पता चल सकेगा कि वह किसके संपर्क में रहीं, और उनके फोन पर क्या राजनीति की जा रही थी। जब यह बात थाना प्रभारी हिमांशु भिंडिया ने सुनी तो उन्होंने यह सब न करने के लिये बोला। जैसे ही उन्होंने उन्हें पार्षद को फोन पर बात न कराने के लिये कहा कि वह तमतमा उठीं। उन्होंने तेज तर्रार थानेदार कहे जाने वाले श्री भिंडिया से ही भला बुरा कह डाला। पूंछे जाने पर एसडीओपी श्री पांडे ने केवल इतना कहां कि वहां दोनों थानेदारों के बीच कहासुनी मात्र हुई। उनके पहुंचते ही सारा मामला शांत करा लिया गया। उन्होंने कहा कि कोई बड़ी बात नहीं हुई। हालांकि यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है, वह इस मामले पर क्या कदम उठाते हैं, यह कह नहीं सकते। प्रभारी एसपी एसआर सत्या ने कहा कि यह मामला जानकारी में आया है, एसडीओपी जतारा से बात कर पता करूंगा, कि मामला क्या है। जरूरत होगी, तो कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों से दोषी थानेदार के विरूद्ध कार्रवाई किये जाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में कानून और नियमों की धज्जियां न उड़ाई जा सकें। यहां बता दें कि श्री भिंडिया उसके बाद वहां से चले आए और डीआईजी की यात्रा की तैयारियों में व्यस्त हो गये। वह भले ही इस मामले में चुप्पी साधे रहें, लेकिन एक स्वाभिमानी व्यक्ति को किस कदर ठेस पहुंचती है, यह कोई स्वाभिमानी ही बता सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के दौरान इतना तो तय है कि कोई न कोई कार्रवाई जरूर होगी। जिससे प्रशासनिक नियम कायदों को मजाक समझने वालों को भी सबक मिलेगा। श्री भिंडिया जिले के एक मात्र ऐसे थानेदारों में हैं, जिन्होंने हाल ही में पुलिस चौकी मजना से  चोरी गई बाइक ही नहीं खोज निकाली, बल्कि आरोपी को भी हवालात तक पहुंचाया। इतना ही नहीं अनेक दिल्ली, राजस्थान सहित अन्य इलाकों में फरारी काटने वाले आरोपियों को भी उन्होंने खोज निकालने में कामयाबी हासिल की। उनकी छवि एक कुशल और ईमानदार थानेदार की है। अब देखना है कि जिन नेताजी को खुश करने के लिये यह सब किया जा रहा था, अब वह पुलिस पर दबाव बनाने में कहां तक कामयाब होते हैं। कौन किसके आगे घुटने टेकता है, और सच को दबाने में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले कहां तक कामयाब होते हैं। वैसे आज यदि श्री मंगलम साहब जिले के पुलिस अधिकारी होते तो, शायद यह लापरवाही बढ़ी मानी जाती, और बड़ी कार्रवाही भी होती नजर आती।

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