Monday, August 8, 2022
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अवैध खनिज परिवहन को प्रशासन की मिली मौन स्वीकृति

जिला ब्यूरो/मनोज सिंह

 

अवैध खनिज परिवहन को प्रशासन की मिली मौन स्वीकृति
धड़ल्ले से जिले में चल रहा मुरम का अवैध कारोबार*

टीकमगढ़। रेत और मुरम का अवैध कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा है, प्रशासनिक अधिकारी है कि सारे मामले पर चुप्पी साधे हुये हैं। अवैध उत्खनन और खनिज के अवैध कारोबार के चलते प्रशासन को लाखों रूपये राजस्व की प्रतिदिन हानि हो रही है। खनिज विभाग में बैठे अधिकारियों ने सारे मामले पर अपनी लाचारी दिखाई है। खनिज विभाग की लचर व्यवस्थाओं के कारण जहां खनिज माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, वहीं आम लोगों की जेबों पर खुले आम डाका डालकर मुरम, बजरी को मनमाने दामों पर बेंचा जा रहा है। इस संबन्ध में खनिज अधिकारियों की मौन स्वीकृति नगर में चर्चाओं का विषय बनी हुई है। देखा जा रहा है कि अवैध परिवहन की रोक थाम के लिये न तो प्रशासन की कोई टीम सक्रियता दिखा रही है, और न ही खनिज विभाग इन डंफर और ट्रकों को पकडऩे में कोई रूचि दिखा रहा है। नगर के प्रमुख इलाकों के साथ ही

 

कोतवाली और शहर के बीच दिन दहाड़े बजरी और मुरम लेकर ट्रकों तथा टाटा 407 का निकलना जारी बना हुआ है। इतना ही नहीं गांवों में चल रहे निर्माण कार्यों को करने में ग्रामीणों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं शहरी इलाकों में खनिज और मुरम के अवैध कारोबार को हवा दी जा रही है। अधिकारियों की उदासीनता और मनमानी ने दबंगों और खनिज माफियाओं के हौसले बुलंद कर रखे हैं। इस संबन्ध में खनिज अधिकारियों से कार्रवाई करने और प्रशासन को हो रही राजस्व की क्षति को रोकने की मांग की जा रही है। टीकमगढ़ शहर में अवैध बजरी का खनन बड़े पैमाने पर चल रहा है, प्रशासनिक अधिकारियों को मालूम होते हुए भी अनदेखी कर रहे हैं ।

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