Saturday, July 2, 2022
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Unnao: छात्र-छात्राओं को आग से बचाव एवं आग बुझाने और अग्निशमन उपकरणों को चलाने का दिया गया प्रशिक्षण

उन्नाव मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अग्निशमन सेवा -100 दिनों की कार्य योजना के अंतर्गत पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेशअग्निशमन सेवा लखनऊ के आदेश के क्रम में पुलिस अधीक्षक उन्नाव के निर्देशानुसार मुख्य अग्निशमन अधिकारी उन्नाव के निकट पर्यवेक्षण में अग्नि सचेतक योजना के अंतर्गत जनपद के छात्र-छात्राओं, युवा, महिलाएं और औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों को आग से बचाव एवं आग बुझाने और अग्निशमन उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण अग्निशमन केंद्र उन्नाव में शिव दरस प्रसाद अग्निशमन अधिकारी उन्नाव द्वारा अपनी टीम के साथ दिया जा रहा है। प्रसाद ने प्रशिक्षण देते समय बताया कि आग से बचाव ही सबसे अच्छी सुरक्षा है आग की रोकथाम के लिए सावधानियां और सुरक्षित जीवन शैली विकसित करने की आवश्यकता है उनके द्वारा निम्नलिखित सावधानियां बताई गई। एलपीजी सिलेंडर के रिसाव से आग लगने से रोकने के लिए एलपीजी गैस का सिलेंडर सदैव अखाड़ा रखना चाहिए, एक ही कमरे में गैस का चूल्हा ,अंगेठी और बिजली का इंडक्शन किसी भी दशा में नहीं जलाना चाहिए ,जलाने से पहले यह सुनिश्चित हो जाना चाहिए कि गैस की गंध तो नहीं आ रही है ,गैस सिलेंडर से चूहे को जोड़ने वाले रबर पाइप अधिक पुरानी होने पर उसे बदल देना चाहिए ,रात्रि में सोने से पहले एलपीजी गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से गैस को बंद करना नहीं भूलना चाहिए। बिजली के कटे-फटे तारों को तुरंत बदल देना या मरम्मत करा लेना अग्नि निरोधक का कार्य करता है सही ढंग से फ्यूज लगाएं व एक ही पलक में कई विद्युत यंत्र नहीं चलाना चाहिए कार्यालय या घर के विद्युत, इंडक्शन एवं आयरन प्रेस कार्य पूरा होने पर तुरंत ऑफ कर देना चाहिए। अग्नि आपदा जोखिम न्यूनीकरण करने हेतु स्कूल ,कॉलेज ,फैक्ट्री, अस्पताल, बारात घर एवं कार्यालय में एक टोली बनाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अग्नि दुर्घटना के समय इस टोली के सभी सदस्य आग बुझाने और आग से बचाव का कार्य अच्छी तरह से जानते हो उनको अग्नि दुर्घटना के समय अग्निशमन कार्य कराना चाहिए।

स्थानीय स्तर पर पंडाल अथवा अस्थाई ढांचा बनाते समय अग्नि से सुरक्षा हेतु उपाय भारतीय मानक ब्यूरो आई.एस -8758 -1993 के अस्थाई पंडाल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होता है तथा शासन की मनसा के अनुरूप उप जिला मजिस्ट्रेट एवं अग्निशमन सेवा अग्निशमन अधिकारी से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होता है अनुमति में अंकित अग्नि सुरक्षा व्यवस्था जैसे पंडाल बिजली की लाइन के नीचे किसी भी दशा में नहीं लगाया जाएगा। कोई भी पंडाल रेलवे, बिजली के सब स्टेशन चिमनी या भट्टी से कम से कम 15 मीटर दूर लगाया जाए। सड़क से पंडाल की दूरी 45 मीटर से अधिक किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। जिससे फायर सर्विस का वाटर टेंडर घटनास्थल तक पहुंच सके। पंडाल बनाने में सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े या रस्सी का प्रयोग नहीं किया जाएगा। बाहर निकलने का रास्ता गुफा की तरह नहीं होना चाहिए ।बाहर निकलने के कम से कम चार रास्ते होने चाहिए ।जिससे किसी भी आपात काल में एक रास्ता अवरुद्ध हो जाने पर दूसरे तीसरे रास्ते से आसानी से निकाला जा सके जहां तक संभव हो सके दो रास्ते एक दूसरे केआ विपरीत दिशा में हो। प्रशिक्षण अग्निशमन केंद्र उन्नाव एवं नन्दन वन में आयोजित अलविदा तनाव के कार्य क्रम में भी आग बुझाने और आग से बचाव का प्रशिक्षण शिवदरस प्रसाद अग्निशमन अधिकारी उन्नाव अपने टीम विचार कान्त मिश्रा लीडिंग फायरमैन, गजेन्द्र सिंह, अम्बरीष कुमार, राम विलास यादव फायर मैन ने प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रशिक्षण में जनपद के 60 व्यक्तियों ने सम्मिलित हो आग बुझाने और आग से बचाव करना सीखें तथा ब्राह्मकुमारी नन्दन वन उन्नाव के आयोजक बी.के.रामपाल ,बी.के.कुसुम दीदी, राकेश शुक्ला, राजेश कुमार एवं केशव प्रसाद सहित 400-500 लोग उपस्थित रहे हैं।

रिपोर्ट; आशीष सिंह

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