Sunday, June 26, 2022
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यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवतिभारत अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवतिभारत अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे

स्थानीय कस्बे के भगवती चरण वर्मा पार्क में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन बृन्दावन से पधारे कथा व्यास शिवाकांत जी महाराज ने कंस वध व रुकमणी विवाह के प्रसंगों का चित्रण किया।श्रीकृष्ण के वर माला पहनाते ही जमकर पुष्प वर्षा हुई और पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कथा व्यास शिवाकांत ने कहा कि अत्याचारी कंस का वध करने के लिए श्रीकृष्ण भगवान ने अवतार लिया था,यह कंस भी जनता था इसलिए उसने बाल्यावस्था में ही श्रीकृष्ण को अनेक बार मरवाने का प्रयास किया, लेकिन हर प्रयास भगवान के सामने असफल साबित होता रहा। 11 वर्ष की अल्प आयु में कंस ने अपने प्रमुख अकरुर के द्वारा मल्ल युद्ध के बहाने कृष्ण, बलराम को मथुरा बुलवाकर शक्तिशाली योद्धा और पागल हाथियों से कुचलवाकर मारने का प्रयास किया, लेकिन वह सभी श्रीकृष्ण और बलराम के हाथों मारे गए और अंत में श्रीकृष्ण ने अपने मामा कंस का वध कर मथुरा नगरी को कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिला दी। कंस वध के बाद श्रीकृष्ण ने अपने माता-पिता वसुदेव और देवकी को जहां कारागार से मुक्त कराया, वही कंस के द्वारा अपने पिता उग्रसेन महाराज को भी बंदी बनाकर कारागार में रखा था, उन्हें भी श्रीकृष्ण ने मुक्त कराकर मथुरा के सिंहासन पर बैठाया।महाराज जी ने श्रीकृष्ण रूकमणी विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि राजा भीष्मक की पुत्री रूकमणी मन ही मन श्रीकृष्ण को बहुत चाहती थी, परंतु उसके भाई श्रीकृष्ण से जलते थे। इसलिए उन्होंने रूकमणी का रिश्ता शिशुपाल से तय कर दिया। जब रूकमणी को इस बात का पता लगा तो उसने श्रीकृष्ण के पास पत्र भेजकर उसका अपहरण करने के लिए कहा। संदेश पाकर श्रीकृष्ण ने ऐसा ही किया और वे रूकमणी का हरण करके ले गए।श्रीकृष्ण और रुकमणी स्वरूपों ने जैसे ही एक दूसरे को माला पहनाई पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।लोगो ने जमकर पुष्प वर्षा की।जमाल नगर ग़ैर एहत माली प्रधान पति सर्वेश कुमार राजपूत ने कथावाचक को पुष्पमाला पहनाया। आयोजक गोल्डी गुप्ता ने बताया कि कल समापन अवसर पर कन्याभोज व भंडारे का आयोजन किया गया है।यजमान प्रकाश गुप्ता,माया प्रकाश,संध्या गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता,बउआ,मोंटी,मानशी,अल्का गुप्ता,सुषमा आदि ने स्वरूपों की आरती उतारी।

टीवी भारत समाचार/(उर्वशी कश्यप)

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