Sunday, June 26, 2022
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साल में दो बार होता है सॉल्स्टिस (संक्रांति)

पृथ्वी का सबसे बड़ा दिन एवं छोटी रात 

साल में दो बार होता है सॉल्स्टिस (संक्रांति)

भारत में 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन होता है। सूर्य पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध के लंबवत होता हैं, जिसके कारण सूर्य की किरणें भारत के मध्य से होकर गुजरने वाली कर्क रेखा पर सीधी पड़ती है, जिससे सूर्य की किरणें अन्य दिन के मुकाबले इस दिन ज्यादा समय तक धरती पर रहती हैं। जिसके कारण साल का ये दिन सबसे बड़ा दिन होता है। और इस दिन रात छोटी होती है।

क्यों होता है ऐसा

पृथ्वी अपने अक्षांश पर साढ़े 23 डिग्री झुकी हुई होती है और इसी अवस्था में सूर्य की परिक्रमा करती है, मतलब सूरज के चारो और घूमती है। सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध तथा दक्षिणी गोलार्द्ध इसके सामने आते हैं। इस कारण दिन और रात का समय घटता और बढ़ता है। आमतौर पर सूर्य की किरणों पृथ्वी पर कम समय तक रह पाती हैं। लेकिन जब उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर पूरी तरह से झुका रहता है। ये करीब 23।44 अक्षांश पर होता है जिसके कारण उस समय सूर्य की किरणें ज्यादा देर तक पृथ्वी पर पड़ती है और दिन लंबा होता है। यह खगोलिय घटना भारत में हर साल 21 जून को होती है इसलिए भारत में 21 जून को साल का सबसे बढ़ा दिन और साल की सबसे छोटी रात होती है। 21 मार्च और 23 सितंबर को दिन और रात बराबर होती है। और 21 से 23 दिसम्बर को दिन छोटा और रात बढ़ी होती है। इस दिन को विंटर सॉल्स्टिस मनाई जाती है। 20 से 23 जून के बीच ‘समर सॉल्स्टिस यानि ग्रीष्म संक्रांति मनाई जाती है।

दक्षिणी गोलार्द्ध में होता है उल्‍टा

जब सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर होता उस समय यहां दिन बड़े और रात छोटी होती हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में रह रहे लोगों के लिए 21 जून को गर्मी की शुरुआत कहा जाता है। लेकिन दक्षिणी गोलार्द्ध में ठीक इसका उलटा होता है। यहां रात बड़ी और दिन छोटे होते हैं। और यहां रह रहे लोगों के लिए ये सर्दी की शुरुआत मानी जाती है।

एक पल के लिए गायब हो जाती है परछाईं

धरती पर साल में ऐसा भी दिन आता है, जब परछाईं एक पल के लिए गायब हो जाती है। जी हां यह घटना 21 जून को होती है। जब सूर्य ठीक कर्क रेखा के ऊपर होता है। यह बात स्थिर रूप से सीधी खड़ी रहने वाली वस्तु पर ही लागू होती है। 23 सौ साल पहले ग्रीक वैज्ञानिक अराटोस्थेज ने 21 जून के दिन पृथ्वी पर पडऩे वाली इमेज को मापने का प्रयास किया था। इस साल ग्रीष्म संक्रांति का क्षण भारतीय समयानुसार सुबह 3:13 पर है। और ग्रीक समयानुसार 21:43 पर है।

सिर्फ 21 जून को ही नहीं होता ऐसा

21 जून को यूं तो सालों से सबसे बड़ा दिन माना जाता है लेकिन हर जगह ऐसा हो यह जरूरी नहीं है। यह 20 जून, 21 जून और 22 जून में से किसी भी दिन हो सकता है। साल 1975 में 22 जून को साल का सबसे बड़ा दिन रहा था और अब 2203 में ऐसा होगा।

साल में दो बार होता है सॉल्स्टिस (संक्रांति)

संक्रांति यानि सॉल्स्टिस एक खगोलीय घटना है जोकि दो बार, एक गर्मियों में और एक बार सर्दियों में होती है। हर साल सूर्य को जब नॉर्थ या साउथ पोल से देखा जाता है, तो साल का सबसे बड़ा दिन 21 जून होता है। इस दिन सूर्य की किरण ज्यादा देर तक रहती है और 22 दिसम्बर साल का सबसे छोटा दिन होता है, क्योकि इस दिन सूर्य की किरण पृथ्वी पर कम समय के लिए रहती हैं। ये साल के वो दिन होते हैं, जिसमें दिन और रात की लम्बाई में काफी अंतर होता है। यह एक सामान्य घटना है जो हर साल होती है।

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